गुफा में 984 फीट नीचे दबे विशालकाय क्रिस्टल पिलर्स

शेयर करें

मैक्सिको सिटी ।  चिहुआहुआ में सिएरा डे नाइका पर्वत से लगभग 984 फीट नीचे दबे हुए विशाल क्रिस्टल पिलर्स हैं। यह खदान अपने असाधारण सेलेनाइट क्रिस्टल के लिए लोकप्रिय है। खदान की खोज 2000 में दो भाइयों ने की थी, जो इंडस्ट्रियल पेनोल्स के लिए काम करते थे। वे कथित तौर पर नाइका पर्वत के नीचे एक सुरंग का खनन कर रहे थे और गलती से इस खदान से टकरा गए।  
ये क्रिस्टल वास्तव में जिप्सम से बने हैं, जो एक तरह का खनिज है जिसका इस्तेमाल कागज और कपड़ा उद्योगों में फिलर के रूप में किया जाता है। इसका इस्तेमाल सीमेंट बनाने में भी किया जाता है। जानकारी के अनुसार इंसान विशेष कूलिंग सूट के बिना गुफा में प्रवेश नहीं कर सकता।

90 से 99 फीसदी आर्द्रता के साथ गुफा के अंदर का तापमान 58 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। इसके अंदर प्राकृतिक प्रकाश नहीं होता और हवा भी अम्लीय होती है, जो इसे इंसानों के लिए खतरनाक बनाती है। इन क्रिस्टल के नीचे बहुत गर्म तरलीकृत चट्टानें, यानी मैग्मा पाई गई थीं। करीब 26 मिलियन साल पहले कैल्शियम सल्फेट से युक्त भूजल गुफाओं में प्रवेश करता था और नीचे मैग्मा से गर्म होता था, जिससे विशाल क्रिस्टल बनने लगे।

वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा हुआ होगा कि जब मैग्मा निकला तो गुफा में भूजल 98 फीट ऊंचा और 33 फीट चौड़ा था। गुफा का तापमान 58 डिग्री सेल्सियस से अधिक था और ऐसे तापमान पर पानी में मौजूद एनहाइड्राइट अपने मूल रूप में बना रहा, लेकिन जैसे ही तापमान 58 डिग्री से थोड़ा नीचे चला गया, उसने क्रिस्टल का आकार लेना शुरू कर दिया।यह हैरानी की बात है कि ये क्रिस्टल स्तंभ 5,00,000 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। इनमें से कई इतने बड़े हैं कि उन पर आसानी से चला जा सकता है। चूंकि ये कई सालों तक पृथ्वी के नीचे दबे रहे इसलिए क्रिस्टल लगातार बढ़ते रहे।

  • Related Posts

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में चार दिवसीय भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन का किया शुभारंभ
    • November 2, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंनई दिल्ली // नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 में छत्तीसगढ़ ने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं…

    और पढ़ें
    प्रल्हाद जोशी कौन हैं जिन्हें मिली है शिक्षा मंत्रालय की ज़िम्मेदारी
    • July 26, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंदिल्ली // शनिवार को राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को स्वीकार कर…

    और पढ़ें

    Leave a Reply