सेल-बीएसपी में “सुरक्षा” पर वृहद सामूहिक संवाद आयोजित

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छत्तीसगढ़ / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा 10 नवंबर, 2021 को जूम प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा पर एक वृहद समूह के साथ संवाद आयोजित किया गया। इस संवाद में एचओडी सहित सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के 300 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। हाउसकीपिंग, शॉपफ्लोर रोशनी, सड़क सुरक्षा, ठेका श्रमिकों के सुरक्षा प्रशिक्षण, रिपोर्टिंग और नियर मिस केसों का विश्लेषण, प्रत्येक पाली की शुरुआत में प्रोडक्शन शॉप में दी गई सेफ्टी टॉक, सेफ्टी लीडरशिप ट्रेनिंग के बाद शॉप फ्लोर पर जाने वाले अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई और घटना की जांच प्रक्रिया आदि पर विस्तार से चर्चा की गई। ईडी (वर्क्स), अंजनी कुमार और ईडी (पी एंड ए), एस के दुबे ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और प्रतिभागियों द्वारा की गई टिप्पणियों पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए।

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सुरक्षा नियम, सुरक्षा विश्लेषण और सुरक्षा संस्कृति पर कार्यकारी सीजीएम (सेफ्टी एंड एफएस) जी.पी. सिंह और स्वस्या सॉल्यूशंस के प्रेमानंद द्वारा विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गई। इस संवाद में भाग लेने वाले अधिकारियों ने संयंत्र में सुरक्षा को बेहतर करने हेतु अपने सुझाव और टिप्पणियाँ प्रस्तुत की। उनके सुझावों को नोट किया गया और उन पर चर्चा की गई।  प्रेमानंद ने बीएसपी में व्यवहारिक हस्तक्षेप, घटना जांच, क्षमता निर्माण, मानकों के विकास, सड़क सुरक्षा और उच्च जोखिम प्रक्रियाओं सहित सुरक्षा संस्कृति परिवर्तन के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया।

कार्यकारी सीजीएम (सेफ्टी एंड एफएस), जी पी सिंह ने अपनी टीम के साथ सत्र का समन्वय किया और इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा मानदंडों के पालन को उत्पादन में उत्प्रेरक के रूप में माना जाना चाहिए न कि बाधा के रूप में। तथ्यों और आंकड़ों को प्रस्तुत करने से पहले श्री सिंह ने भिलाई इस्पात संयंत्र में सेफ्टी गवर्नेंस, सेफ्टी सीनेट की संरचना और प्लांट में सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने वाली छह-क्रॉस फंक्शनल टीमों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा नेतृत्व प्रशिक्षण के बाद अब तक सी-राउंड के दौरान विभिन्न शाॅप्स पर अवलोकरन हेतु जाने वाले अधिकारियों द्वारा किए गए 2820 से अधिक बिन्दुओं पर तत्काल कार्यवाही कर इन बिन्दुओं को दुरूस्त किया गया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह लगभग 1000 सी-राउंड किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 150 लोगों को घटना के जांच प्रक्रिया में प्रशिक्षित किया गया है।

सुरक्षा के संबंध में हरसंभव मदद और सहायता प्रदान करने के लिए सभी दरवाजे खुले हैं, यह आश्वासन देते हुए ईडी (वर्क्स), अंजनी कुमार ने कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि सुरक्षा मापदंडों को हर तरह से पालन किया जाना चाहिए। परिवर्तन लाने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी से अपने नेतृत्व कौशल का प्रदर्शन करने का आग्रह करते हुए, उन्होंने छोटे विवरणों पर ध्यान देने पर जोर दिया कि कैसे पूरे संयंत्र में सुरक्षा संस्कृति में सुधार किया जा सकता है। अंजनी कुमार ने प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए प्रत्येक अवलोकन का जवाब दिया और उनके सुझावों को नोट किया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, ईडी (पी एंड ए) एसके दुबे ने सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और अन्य इस्पात संयंत्रों से सीखने पर भी जोर दिया। इस बात पर जोर देते हुए कहा कि कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा महत्वपूर्ण है, अतः इसका पूरा ख्याल रखना होगा। उन्होंने कहा कि हमें खतरनाक स्थितियों को रोकने के लिए सभी सुरक्षा प्रबंधन प्रथाओं को लागू करना चाहिए। सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें सुरक्षा जागरूकता के स्तर को बढ़ाना चाहिए ताकि हम भविष्य में दुर्घटनाओं को रोक सकें। नियमित शाॅप्स समीक्षा और सुरक्षा अभ्यास समय की आवश्यकता है।

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