नशे के सौदागरों के खिलाफ एसआई टी का गठन किया जाए-जितेंद

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पाटन। पत्थलगांव में मातारानी के भक्तजनों पर गाड़ी से रौंदने के मामले को लेकर भाजपा विधायक दल के स्थायी सचिव जितेंद वर्मा ने कहा कि सिलेगर समेत पुलिसिया व अन्य हत्या किसान मजदूरों की आत्महत्या के सभी मामलों में लखीमपुर की तरह तुरन्त सहायता राशि दी जाए। श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के सहयोग और सरक्षंण में चल रही तस्करी गतिविधियों पर तत्काल लगाम लगाई जाए। ऐसे सभी प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही कर दोषियों की सजा सुनिश्चित हो। साथ ही तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के लिए एसआईटी का गठन किया जाए।

वर्मा ने सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि लखीमपुर में वोटों की फसल काटने राहुल और प्रियंका को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री ने 50- 50 लाख का मुवावजा दे दिया ताकि उनकी कुर्सी बची रहे। क्योंकि छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार में कुर्सी के लिए घमासान मचा हुआ है। कुर्सी का मोह इस कदर हावी है कि छत्तीसगढ़ के भोले भाले किसानों के हक का पैसा लखीमपुर में मुख्यमंत्री ने दे दिया। लेकिन आत्महत्या करने वाले मजदूरों किसानों के परिवार की सुध लेने शासन का कोई बड़ा व्यक्ति गया हो या राहत मिली हो ऐसी कोई खबर नहीं है। गांधी परिवार की चापलूसी के अलावा मुख्यमंत्री के पास कोई एजेंडा बचा नही है। अधिक से अधिक भ्रष्टाचार कर पैसा जमा करना और चुनावी राज्यों में खर्च करना यही प्रदेश सरकार का मकसद रह गया है।

वर्मा ने कहा कि भाजपा की मांग पर सिर्फ एक मृतक को मुवावजा देकर खानापूर्ति की गई है। जबकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कई लोगों की मृत्यु की बात सामने आ रही है। पत्थलगांव की इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री हवाई फायर कर रहे हैं। घटना की सतह पर जाकर देखें तो कितने लोग मौत के मुँह में समाए है पता चलेगा। चरस ,शराब ,गांजा और अफीम की खुले आम तस्करी चल रही है। अभी हाल ही में अम्बिकापुर में हेरोइन और चरस का खुलासा हुआ है। जब से कांग्रेस की सरकार बनी है तब से नशे के सौदागरों के हौसले बुलंद हैं।

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