छत्तीसगढ़ में प्रथम शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय की स्थापना होम्योपैथी चिकित्सा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि – डॉ. प्रदीप चौधरी

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रायपुर ।। छत्तीसगढ़ में होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। प्रदेश को प्रथम शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय की सौगात मिलना तथा BHMS पाठ्यक्रम की 63 सीटों पर नवीन शैक्षणिक सत्र में प्रवेश की अनुमति प्राप्त होना होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस उपलब्धि से प्रदेश में होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलने के साथ ही विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

इसी महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए आज शंकर नगर, रायपुर स्थित स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी के निवास कार्यालय में राज्य होम्योपैथी परिषद, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया तथा प्रदेश में होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी ने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

इस अवसर पर वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक,राज्य होम्योपैथी परिषद छत्तीसगढ़ के सदस्य और भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ, छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह-संयोजक डॉ. प्रदीप चौधरी ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ में होम्योपैथी के विकास के लिए एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रदेश में प्रथम शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय की स्थापना होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह केवल एक महाविद्यालय की स्थापना नहीं, बल्कि प्रदेश में होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं अकादमिक विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

डॉ. प्रदीप चौधरी ने कहा कि शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय खुलने से प्रदेश के विद्यार्थियों को होम्योपैथी चिकित्सा की पढ़ाई के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे विकासशील राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विविध विकल्पों का विस्तार समय की आवश्यकता है। शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय की स्थापना प्रदेश में होम्योपैथी को एक नया आयाम प्रदान करेगी। साथ ही, यह संस्थान भविष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान तथा चिकित्सा क्षेत्र में नए अवसरों के विकास का केंद्र बन सकता है। इसके लिए आवश्यक होगा कि महाविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, योग्य शिक्षकों, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं और नियमानुसार क्लिनिकल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

डॉ. प्रदीप चौधरीजी ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री जायसवाल, प्रदेश सरकार तथा इस दिशा में योगदान देने वाले सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के सहयोग और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा का निरंतर विस्तार होगा तथा प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल में रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला, सदस्यगण डॉ. मुकुंद पिंपले डॉ. गुलाब टिकरिहा, डॉ. निर्मल भोई, डॉ. सुशील हरिरमानी, डॉ. ओंकार सिंह राजपूत, डॉ. यशपाल बावरिया,डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी एवं चिकित्सक गण उपस्थित थे।

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