सौर ऊर्जा से अनिल का घर हुआ रोशन

शेयर करें

रायपुर // प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा भी मिल रहा है। राजपुर निवासी श्री अनिल तिवारी ने इस योजना का लाभ लेकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हुए है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana)भारत सरकार की एक पहल है जिसका लक्ष्य 1 करोड़ घरों को रूफटॉप सोलर पैनल लगाने में मदद करना है ताकि उन्हें हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिले और बिजली बिल में बचत होए साथ ही अतिरिक्त बिजली बेचकर आय का स्रोत भी बने।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर निवासी अनिल तिवारी ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किया है। जिससे घर की बिजली आवश्यकता पूरी तरह सौर ऊर्जा से पूरी होने लगी है। वे बताते हैं कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से उन्हें दोहरा लाभ मिल रहा है। एक ओर बिजली बिल से राहत मिली है वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आमदनी का नया स्रोत भी बना है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित करने पर शासन द्वारा विशेष सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार से 30 हजार रुपये कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस सब्सिडी के कारण आम नागरिक भी आसानी से सौर ऊर्जा को अपना पा रहे हैं।

अनिल तिवारी ने जिले के अन्य नागरिकों से भी योजना का लाभ लेने की अपील की है। वे कहते है कि हर घर सौर ऊर्जा को अपनाए, तो न केवल बिजली खर्च में कमी आएगी बल्कि हम ऊर्जा आपूर्ति के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे।

  • Related Posts

    मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में कैम्पा की समीक्षा बैठक संपन्न
    • May 6, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // मुख्य सचिव ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैम्पा मद के अंतर्गत वन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे- पुल-पुलियों, मार्गों और…

    और पढ़ें
    माओवादियों का गढ़ रहे तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल
    • May 5, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // विकासखंड उसूर का अतिसंवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई…

    और पढ़ें