आईआईटी भिलाई में एक भव्य और यादगार दीक्षांत समारोह का आयोजन

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भिलाई // आईआईटी भिलाई ने 26 अक्टूबर 2024 को नालंदा हॉल में भव्यता के साथ अपना तीसरा और चौथा दीक्षांत समारोह आयोजित किया। भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु समारोह की मुख्य अतिथि रहीं और उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपस्थित लोगो को संबोधित किया। छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशिष्ट अतिथि रहे। आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ गवर्नर के अध्यक्ष कृष्णमूर्ति वेंकटरमणन ने समारोह की अध्यक्षता की। 20 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आईआईटी भिलाई का स्थायी परिसर राष्ट्र को समर्पित किया गया था। संस्थान की स्थापना 2016 में हुई उसके बाद से अब तक की यात्रा में, राष्ट्रपति का स्थायी परिसर का दौरा संस्थान की एक और बड़ी उपलब्धि को दर्शाता है।

इस दीक्षांत समारोह में 2023 और 2024 में स्नातक करने वाले 396 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। 2023 बैच के स्नातक छात्रों में 13 पीएचडी, 11 एमएससी, 27 एमटेक, 13 बीटेक (ऑनर्स) और123 बीटेक स्नातक शामिल थे। 2024 के स्नातक बैच में 8 पीएचडी, 20 एमएससी, 19 एमटेक, 12 बीटेक (ऑनर्स) और 150 बीटेक स्नातक थे।

शैक्षणिक शोभायात्रा के आगमन के साथ ही दीक्षांत समारोह का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का स्वागत कृष्णमूर्ति वेंकटरमन ने किया। आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने माननीय राष्ट्रपति और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई। प्रोफेसर प्रकाश ने राज्य के आदिवासी समुदायों के सामने आने वाली कठिनाइयों के लिए समाधान विकसित करने हेतु संस्थान के दृष्टिकोण के बारे में बताया। उन्होंने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में भी बताया, जिसमें आईआईटी भिलाई के छात्र/छात्राओं और शोधकर्ताओं में लगातार वृद्धि, किसानों की उपज बढ़ाने के लिए स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर निरंतर शोध और उत्पादकता बढ़ाने के लिए भिलाई स्टील प्लांट जैसे प्रमुख हितधारकों के साथ जुड़ना शामिल है। श्री के वेंकटरमणन ने अपने संबोधन में शिक्षा, नवाचार अनुसंधान और प्रतिभाशाली युवाओं के समग्र प्रशिक्षण के लिए नए मानक स्थापित करने की संस्थान की प्रतिबद्धता की ओर ध्यान आकर्षित किया।

विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में सभी स्नातकों को बधाई दी। उन्होंने राज्य के लिए काम करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का स्वागत किया, एक अत्याधुनिक आईटी पार्क की स्थापना के साथ-साथ एआई आधारित विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना को इस प्रयास का प्रमुख उदाहरण बताया। श्री रमेन डेका ने स्नातक छात्रों को सम्मानित करते हुए अपने संबोधन में कहा कि आईआईटी भिलाई ने राज्य के उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में लंबे समय से चली आ रही कमी को पूरा किया है और बहुत कम समय में संस्थान ने छत्तीसगढ़ के लोगों के दिल और दिमाग में अपनी जगह बनाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

संस्थान के स्वर्ण पदक विजेताओं, निदेशकों के स्वर्ण पदक विजेताओं और सीनेट पुरस्कार विजेताओं ने माननीय राष्ट्रपति से अपने पदक प्राप्त किए। 2024 और 2023 बैच में उच्चतम सीजीपीए हासिल करने वाले बीटेक छात्र के लिए संस्थान स्वर्ण पदक क्रमशः नोमान आलम खेरानी और शाश्वत जायसवाल को प्राप्त हुआ। बीटेक छात्र यश टेकचंदानी और मधुर भट्टड ने अकादमिक और पाठ्येतर दोनों डोमेन में समग्र प्रदर्शन के आधार पर निदेशक स्वर्ण पदक प्राप्त किया, जबकि एमटेक छात्र सिदागम रोहित और सत्य विक्रम प्रताप सिंह को क्रमशः 2024 और 2023 में निदेशक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। बीटेक, बीटेक (ऑनर्स) और एमएससी में समग्र शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ सर्वश्रेष्ठ छात्रा के लिए निदेशक का स्वर्ण पदक कु. विधि मित्तल को प्रदान किया गया। सीनेट पुरस्कार उन छात्रों को प्रदान किए गए जिन्होंने विभिन्न शाखाओं और कार्यक्रमों में उच्चतम सीजीपीए हासिल किया।

दीक्षांत समारोह के संबोधन में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ के स्वदेशी और आदिवासी लोगों के सतत विकास के लिए आईआईटी भिलाई के समग्र योगदान की सराहना की। संस्थान का पाठ्यक्रम विकास, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के साथ संरेखित है और सामाजिक रूप से प्रासंगिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए निवेश के अवसर प्रदान करने वाले आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (आईबीआईटीएफ) के माध्यम से की गई आउटरीच गतिविधियों का राष्ट्रपति के दीक्षांत भाषण में विशेष उल्लेख किया गया। समारोह उपलब्धि और संतुष्टि के साथ संपन्न हुआ, जिससे प्रतिभागियों में सामाजिक उत्थान और राष्ट्रीय विकास के लिए काम करने के लिए नए उत्साह का संचार हुआ।

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