डॉ. मुखर्जी शुरू से धारा 370 के विरोधी थे: मुख्यमंत्री श्री साय

शेयर करें

रायपुर // मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में संकल्प फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भारतमाता की सामूहिक आरती एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में धारा 370 लागू थी, जिसके तहत वहां अलग से दो निशान, दो विधान और दो प्रधान का प्रावधान था। धारा 370 के कारण वहां केंद्र के कई प्रावधान लागू नहीं होते थे। अन्य राज्यों के लोग वहां जमीन नहीं खरीद सकते थे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शुरू से धारा 370 के विरोधी थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 को समाप्त किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उस समय जम्मू कश्मीर जाने के लिए परमिट लगता था। परमिट तोड़कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर प्रवेश किया। जिसके फलस्वरूप उन्हें जेल में डाल दिया गया। जेल में ही उनका देहावसान हुआ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पूरा किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संकल्प फाउंडेशन द्वारा पिछले 10 वर्षों से भारतमाता की आरती और देशभक्ति के गायन का आयोजन किया जा रहा है। कवर्धा से इसकी शुरुआत हुई और अब यहां रायपुर में भी 6 जुलाई को हर वर्ष यह कार्यक्रम अयोजित होता है। इसके लिए मैं संकल्प फाउंडेशन को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

कार्यक्रम को राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, संजय श्रीवास्तव, जयंती पटेल सहित संकल्प फाउंडेशन के पदाधिकारिगण व आमजन उपस्थित रहे।

  • Related Posts

    राजनांदगांव में बनेगा अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी व खेल मैदान, मुख्यमंत्री के निर्णय का जताया आभार
    • April 30, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने…

    और पढ़ें
    ​भीषण गर्मी में वन्यजीवों के लिए ‘संजीवनी’ बना ​वैज्ञानिक मैपिंग और सॉल्ट लिक तकनीक से बदला अभयारण्य का परिदृश्य
    • April 30, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और जैव-विविधता के केंद्र बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य ने इस भीषण गर्मी में वन्यजीव संरक्षण की एक नई इबारत लिखी है। जब पारा आसमान…

    और पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *