महतारी वंदन योजना की पांचवी किश्त जारी लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में 653 करोड़ 85 लाख रुपए की राशि अंतरित की

शेयर करें

रायपुर // मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की पांचवीं किश्त एक जुलाई को जारी कर दी है। इस योजना अंतर्गत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में 653 करोड़ 85 लाख रुपए की राशि अंतरित हुई है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 1000 रूपए देने का संकल्प लिया था। शपथ लेने के तीन महीने के भीतर ही इस महती योजना पर काम शुरू हो गया। प्रशासनिक अमले ने तेजी से सर्वे का काम पूरा करते हुए हितग्राही महिलाओं से फार्म भरवाए और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मार्च को महतारी वंदन योजना की पहली किश्त जारी की थी।

इसके पश्चात नियमित रूप से यह किश्त जारी की जा रही है। नियमित रूप से यह राशि आने की वजह से महिलाएं काफी खुश हैं। कुछ महिलाएं अपने घरेलू बजट को इससे व्यवस्थित कर पा रही हैं, कुछ महिलाएं इस राशि को अपनी बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में खर्च कर रही हैं तथा कुछ भविष्य के लिए निवेश कर रही हैं। महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन में सुशासन के मूल्य स्पष्ट झलकते हैं।

डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण हो रहा है इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। बीते दिनों जनदर्शन में बहुत सी महिलाएं आयी उन्होंने अपने आवेदन दिए साथ ही महतारी वंदन योजना को लेकर अपनी खुशी भी जाहिर की। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि विष्णु का सुशासन हमारे जीवन में बहुत सुख-समृद्धि लेकर आया है। इसके पहले महिलाओं को लेकर इतनी अच्छी योजना हमारे राज्य में क्रियान्वित नहीं की गई थी। इससे हमारे सपने पूरे हो रहे हैं।

  • Related Posts

    निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री श्री साय
    • May 2, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंदाढ़ी (बेमेतरा) सीसी रोड प्रकरण पर सख्त रुख: कलेक्टर को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश रायपुर // मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के…

    और पढ़ें
    धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर
    • May 2, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती छोड़कर फूलों की खेती अपनाकर अपनी तकदीर बदल रहे हैं। उद्यानिकी विभाग और सरकारी योजनाओं की मदद से गेंदा,…

    और पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *