नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का राजनीतिक सफर बताया : श्रीमती जसमनी देवी

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रायपुर // नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील के ग्राम बगिया में हुआ था। विष्णुदेव साय के पिता स्वर्गीय राम प्रसाद साय एवं माता जसमनी देवी हैं। श्री साय 27 मई 1991 में कौशल्या साय के साथ विवाह सूत्र में बंधे। इनके एक पुत्र और दो बेटियां है। श्री साय की शिक्षा हायर सेकेंडरी तक लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में सम्पन्न हुई।

श्री साय की माता श्रीमती जसमनी देवी ने बताया कि विष्णु देव साय का स्वभाव बचपन से ही बेहद विनम्र था। हायर सेकेंडरी की पढ़ाई के बाद ही उनकी रुचि राजनीति के माध्यम से लोगों की सेवा करने की ओर ऐसा मुडी की फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। गांव के पंच और फिर सरपंच से उन्होंने क्षेत्र के जन प्रतिनिधित्व करने की शुरुआत की। उन्होंने अपना दायरा बढ़ाते हुए पहले विधायक फिर संसद फिर केंद्रीय मंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रहते हुए क्षेत्र और लोगों की समस्याओं के निराकरण का जो बीड़ा उठाया उसको लेकर घर में हमेशा लोगों का मेला लगा रहता था।

विष्णुदेव साय का राजनीतिक सफर :

विष्णुदेव साय का 1989 में ग्राम पंचायत बगिया के पंच चुने जाने के बाद राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। 1990 में ग्राम पंचायत बगिया के निर्विरोध सरपंच बने, 1990 से 98 तक सदस्य मध्यप्रदेश विधानसभा तपकरा से विधायक चुने गए, 1999 में 13वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुने गए, 2004 में 14वीं लोकसभा में फिर से रायगढ़ संसदीय सीट से सांसद चुने गए, 2006 में प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी चुने गए, 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए रायगढ़ संसदीय सीट से लोकसभा के सांसद चुने गए, 2011 में भारतीय जनता पार्टी के फिर से प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। 2014 में 16वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में रायगढ़ संसदीय सीट से लोकसभा के सांसद चुने गए। 27 मई 2014 से 2019 तक केंद्रीय राज्य मंत्री इस्पात, खान, श्रम व रोजगार मंत्रालय रहे। 2020 से 2022 तक भारतीय जनता पार्टी के फिर से प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। 2 दिसंबर 2022 को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारणी में विशेष आमंत्रित सदस्य चुने गए। 8 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य नामित किए गए और 3 दिसंबर को घोषित हुए विधानसभा चुनाव में कुनकुरी सीट से विधायक चुने गए। 10 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के विधायक दल ने उन्हें अपना नेता चुना और प्रदेश के अगले और प्रदेश के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए।

नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की परिवारिक पृष्टभूमि

नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारिवारिक पृष्ठभूमि के संबंध में जानकारी देते हुए बताते हैं कि मैं स्वयं कृषक परिवार से हूं, जनसंघ के समय मेरे बड़े पिता जी स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साय सन 1962 से 1967 तक विधायक विधानसभा क्षेत्र लैलूंगा एवं सन 1972 से 1977 तक सांसद लोकसभा के सांसद और जनता दल सरकार में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री भारत सरकार रहे। श्री विष्णु देव साय कहते हैं बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री केदार नाथ साय जनसंघ के समय सन 1967 से 1972 तक विधायक विधानसभा क्षेत्र तपकरा का प्रतिनिधित्व उन्होंने किया और दादाजी सरदार स्वर्गीय बुधनाथ साय 1947 से 1952 तक क्षेत्र से विधायक मनोनीत हुए थे।

नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णु देव साय चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनका स्वभाव बेहद विनम्र, मिलनसार और सादगी पूर्ण रहा है। बचपन में भी उनकी बाल अवस्था बिल्कुल ऐसी ही था। तब भी वह उतने ही शांत स्वभाव और अच्छे व्यवहार के थे। घर में खाने पर जो मिल जाए, उसे उतने ही चाव से खा लेते थे, खाने पीने को लेकर भी कभी कोई विशेष रुचि नहीं थी।

चार भाइयों में सबसे बड़े विष्णुदेव साय

प्रदेश के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की माताश्री बताती हैं कि उनके चार बेटों में सबसे बड़े विष्णु देव साय उसके बाद विनोद कुमार साय, ओम प्रकाश साय और जयप्रकाश साय हैं। इनमें से श्री विनोद कुमार साय रायपुर में बिजली विभाग में अधिकारी है। जयप्रकाश मुंबई में भेल में नौकरी करते हैं। श्रीमती जसमनी देवी ने बताया कि उनके एक बेटे ओमप्रकाश साय का पिछले वर्ष ही देहांत हो गया और उनकी धर्म पत्नी अब हमारे बगिया पंचायत की सरपंच है। बचपन से क्षेत्र और लोगों की समस्या को आसान करने का काम किया। अब छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करेंगे।

जशपुर जिले के छोटे से गांव बगिया में किसान परिवार में जन्मे श्री विष्णु देव साय को अब, पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के रूप में मिलने पर अब उन्हें कैसा महसूस हो रहा है और वह इस क्षेत्र में किस तरह का विकास होता देखना चाहेंगे। इस पर मुख्यमंत्री की माताश्री ने कहा कि उनके घर में जमाने से दीन दुखियों और अपनी समस्या से परेशान लोगों की हमेशा एक भीड़ सी रही है अब उनका बेटा मुख्यमंत्री है तो वह और व्यापक रूप में क्षेत्र और प्रदेश की जनता की समस्याओं का निराकरण करने व्यापक स्तर में काम करेंगे। इसको लेकर एक आनंद की अनुभूति है अब उनका बेटा छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करेगा। इससे अच्छा और क्या हो सकता है। उन्होंने कहा की क्षेत्र में बिजली, शिक्षा, सड़कों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर और अच्छा काम हो ऐसी उन्हें उम्मीद है।

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