9 लाख सब्जी के पौधे से गुलजार होंगी 60 सामुदायिक बाड़ियां, जैविक सब्जी पहुंचेंगीं घर की रसोई में

शेयर करें

दुर्ग // जिले की 60 सामुदायिक बाड़ियां बड़े स्तर पर सब्जी का उत्पादन करेंगीं। मुख्यमंत्री की मंशानुरूप सामुदायिक बाड़ी योजना का विस्तार करने के लिए कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन पर जिले में संचालित 60 सामुदायिक बाड़ियों में वृहद स्तर पर जैविक सब्जी का उत्पादन 117 एकड़ जमीन पर करने के लिए लगभग 9 लाख सब्जी के पौधें सिडलिंग पद्धति द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। जिले में शीघ्र ही प्रारंभ होने वाले जैविक मार्ट को केंद्र में रखकर बाड़ियों के माध्यम से जैविक सब्जी का उत्पादन करना सुनिश्चित किया गया है। कलेक्टर ने इसके लिए मृदा परीक्षण के पश्चात मिट्टी की अनुकूलता के अनुरूप एक ही प्रकार की सब्जी के उत्पादन पर जोर दिया है ताकि जैविक सब्जियों का उत्पादन वृहद स्तर पर हो सके और समूह सामान्य मार्केट को डिकोड कर सके। ऐसा पहली बार होगा बाड़ियों का भी रजिस्टर मेंटेन होगा। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को पता होगा कि कौन सी बाड़ी में कौन सी सब्जी उत्पादित की जा रही है। पौधों का रोपण सीजनल सब्जी के कैलेंडर के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से  विभिन्न चरणों में किया जाएगा।

उद्यानिकी विभाग के द्वारा टमाटर, गोभी, लौकी, भिंडी, बरबट्टी इत्यादि के सब्जी के लिए सीडलिंग के माध्यम से पौधे तैयार किये जा रहे हैं और तैयार हो चुके पौधों को रोपा भी जा रहा है। इस पर प्रकाश डालते हुए उद्यानिकी विभाग की उपसंचालक श्रीमती पूजा साहू ने बताया कि 117  एकड़ जमीन पर सामुदायिक बाड़ियों के माध्यम से रसोई में जैविक सब्जी को पुनः स्थान देने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें छत्तीसगढ़ शासन की एनजीजीबी योजना बहुत ही कारगर साबित हो रही है। गौठानों के उत्पाद वर्मी कंपोस्ट खाद, जीवामृत और ब्रह्मास्त्र इत्यादि के माध्यम से जैविक सब्जीं तैयार की जा रही हैं, जो कि शत प्रतिशत रसायन रहित हैं। इसमें स्वसहायता समूह की दीदियां योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न चरणों में सब्जी का उत्पादन करेंगीं। जिसके लिए उच्च कोटि के सब्जी के बीज सिडलिंग के माध्यम से सब्जी के पौधें के रूप में तैयार किया जाना सुनिश्चित किया गया है। सब्जी का चयन भी उनके मौसम चक्र के अनुरूप किया गया है। इसके साथ-साथ 17 एकड़ जमीन में 2340 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट खाद अर्थात प्रति एकड़ 20 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट खाद का उपयोग जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए किया जा रहा है, जिससे कि आम नागरिकों को शुद्ध, रसायन रहित जैविक सब्जी उपलब्ध हो सके।

सामुदायिक बाड़ियों का विवरण – जिले में 60 गौठानों के साथ लगी हुई बाड़ियों में सब्जी का उत्पादन किया जाना है। जिसमें विकासखंड दुर्ग, धमधा और पाटन में 20-20 गौठानों का चयन किया गया है। जिनमें स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा सब्जी उत्पादन के तय लक्ष्य की प्राप्ति की जाएगी। चयनित गौठान ग्राम के नाम- गनियारी, ढाबा, पुरई, घुघसीडीह, मचांदुर, मोहलई, अरसनारा, ननकट्ठी, जंजगिरी, निकुम, ढौर, धनोरा, नगपुरा, कोटनी, चंदखुरी, पीपरछेड़ी, बिरौदा, नंदवाय, सण्डी, पाहरा, डूमर, ओटेबंध, बिरेभाठ, लिमतरा, चेटुवा, अछोटी, हरदी, नंदौरी, नारधा, हसदा, पेण्ड्रीतराई, कोडिया, बसनी, दानीकोकड़ी, नवागांव (पु), डोमा, केसरा, सिकोला, बोरेन्दा, अरसनारा, सेलूद, फेकारी, कौही, कुर्मीगुण्डरा, करेला, धमना, जमराव, चीचा, रीवागहन (ब) बठेना इत्यादि।

सब्जी का उत्पादन करने वाली स्व सहायता समूह का नाम- जय गौरी स्व सहायता समूह, पुष्पांजली स्व सहायता समूह, आरती स्व सहायता समूह, तेजस्वी स्व सहायता समूह, मॉ परमेश्वरी स्व सहायता समूह, राधे-राधे अम्बे स्व सहायता समूह, खुशबू स्व सहायता समूह, हरिओम स्व सहायता समूह, जय मॉ पार्वती स्व सहायता समूह, मिनीमाता स्व सहायता समूह, नव ज्योति स्व सहायता समूह, स्वच्छता क्रांति स्व सहायता समूह, झांसी महिला ग्राम संगठन स्व सहायता समूह, राधे-राधे स्व सहायता समूह, नव जागृति स्व सहायता समूह, जय शक्ति स्व सहायता समूह, कात्यानी स्व सहायता समूह, प्रयास स्व सहायता समूह, एकता स्व सहायता समूह, जय मॉ भानेश्वरी स्व सहायता समूह, जय मां वैभव लक्ष्मी स्व सहायता समूह, नव ज्योति स्व सहायता समूह,जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह, जय मां शीतला स्व सहायता समूह, नव दुर्गा स्व सहायता समूह, जय मां शीतला स्व सहायता समूह

आराध्या स्व सहायता समूह, नम्रता समूह, जय मां गायत्री स्व सहायता समूह, मां शीतला स्व सहायता समूह, श्री स्व सहायता समूह, तुलसी स्व सहायता समूह, सांई राम स्व सहायता समूह, जय मां परमेश्वरी स्व सहायता समूह, जागृति महिला स्व सहायता समूह, जय मां तुलसी स्व सहायता समूह, नव ज्योति स्व सहायता समूह, महिला शक्ति समूह, ओंम साई स्व सहायता समूह, जय गायत्री स्व सहायता समूह, जय मॉ चण्डी स्व सहायता समूह, नव जागृति स्व सहायता समूह, सीता स्व सहायता समूह, जानकी स्व सहायता समूह, भगवती स्व सहायता समूह, नया सवेरा स्व सहायता समूह, सेविका स्व सहायता समूह, मॉ शारदा स्व सहायता समूह, मॉ शक्ति स्व सहायता समूह, जागृति स्व सहायता समूह, जय बिहान स्व सहायता समूह, स्वाती स्व सहायता समूह, प्रेरणा स्व सहायता समूह, परिवर्तन महिला स्व सहायता समूह, एकता महिला स्व सहायता समूह, क्रांति महिला स्व सहायता समूह, जय भारत माता आत्मा समूह, आदि शक्ति स्व सहायता समूह, जय गंगा मैया स्व सहायता समूह इत्यादि।

  • Related Posts

    भिलाई-03 में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा पदाधिकारियों ने किया नमन
    • November 6, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंभिलाई ।/ स्वर्गीय डोमन लाल कोसेवाड़ा जी की स्मृति में आज भिलाई-03 में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित प्रदेश के वरिष्ठ…

    और पढ़ें
    मुख्यमंत्री श्री साय ने खोला नौकरी का पिटारा, 1,703 पदों पर भर्ती
    • November 6, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं को रोजगार का बड़ा अवसर दिया है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने समूह-2, तृतीय श्रेणी (स्नातकोत्तर…

    और पढ़ें

    Leave a Reply