आपातकाल में संविधान की हत्या हुई थी – रामजी भारती

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भिलाई // भारतीय जनता पार्टी जिला भिलाई द्वारा 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रभारी रामजी भारती ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि उस समय देश में संविधान की आत्मा और लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटने का प्रयास किया गया था। आपातकाल केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, बल्कि यह नागरिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला था।

रामजी भारती ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता, समानता और न्याय का अधिकार देता है, लेकिन आपातकाल के दौरान इन अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था। लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और छात्रों को जेलों में बंद कर दिया गया। सरकार की आलोचना करने वालों को दमन का सामना करना पड़ा तथा पूरे देश में भय और असहिष्णुता का वातावरण निर्मित किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता पर कठोर सेंसरशिप लगाई गई थी। समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों को सरकारी नियंत्रण में रखने का प्रयास किया गया, जिससे जनता तक निष्पक्ष और सत्य जानकारी पहुंचने में बाधा उत्पन्न हुई। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज को दबाना भारतीय लोकतंत्र पर एक गंभीर प्रहार था।

जिला प्रभारी रामजी भारती ने कहा कि आपातकाल के दौरान न्यायपालिका सहित अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर भी दबाव बनाया गया। संविधान निर्माताओं ने जिन संस्थाओं को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करने की जिम्मेदारी दी थी, उनकी स्वायत्तता को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। यही कारण है कि आज भी 25 जून को लोकतंत्र पर हुए हमले के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हजारों देशभक्तों और लोकतंत्र सेनानियों ने संघर्ष किया। अनेक लोगों ने जेल यात्राएं कीं, यातनाएं सहन कीं और अपने व्यक्तिगत हितों का त्याग कर लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए आंदोलन किया। उनका संघर्ष और बलिदान देश के लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवशाली अध्याय है।

रामजी भारती ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों के महत्व को समझ सकें। लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहेंगे तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

उन्होंने सभी नागरिकों से लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को स्मरण करने तथा संविधान की मर्यादा एवं लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र अनेक संघर्षों और बलिदानों से मजबूत हुआ है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा जिला भिलाई के जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, जिला महामंत्री सुषमा जेठानी, मनीष अग्रवाल, कार्यक्रम प्रभारी चिन्ना केशवालु, कन्हैया सोनी, जिला मीडिया सह प्रभारी सूरज जायसवाल सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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